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इस बार होली नेचुरल कलर्स के साथ खेलें

आर्गेनिक ब्यूटी
Vallari Sharma
3 min read

इस बार होली नेचुरल कलर्स के साथ खेलें

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जब भी कोई होली यानी ‘रंगों के त्योहार’ का जिक्र करता है, और आपके दिमाग में जो पहली चीज आती है, अगर वह ‘स्किन एलर्जी’ है तो इससे बचने के लिए कुछ जानकारियां इस लेख में दी गई हैं।

आपको बता दें कि होली के जिन रंगों से हम भड़क उठते हैं, उनमें चिकित्सीय गुण भी होते हैं। जी हां, अगर आप पहले से नहीं जानते थे तो जान लें कि पारंपरिक रूप से होली के रंग जड़ी-बूटियों और फूलों से बनाये जाते थे। लेकिन धीरे-धीरे, रसायनों और कृत्रिम रंगों ने नेचुरल कलर्स यानी प्राकृतिक रंगों, फूलों और जड़ी-बूटियों की जगह ले ली।

हालांकि, अच्छी खबर यह है कि अधिक से अधिक लोग यह महसूस करते दिख रहे हैं कि नेचुरल यानी प्राकृतिक होना सबसे अच्छा था। कई ब्रांड अब रासायन मुक्त ऑर्गेनिक रंग बना रहे हैं।, जिनमें से आप आसानी से अपनी पसंद के रंग का चयन कर सकते हैं और स्वस्थ होली का आनंद ले सकते हैं।

लेकिन अगर आपके पास कुछ वक्‍त है, और आप चाहते हैं कि आपके होली के रंग आपके सौंदर्य को भी बढ़ायें, तो घर पर स्‍वयं गुलाल बनाने का प्रयास करें:


पीला

पीला चमकती धूप का रंग है। यह खुशी, सकारात्मकता, स्पष्टता, ऊर्जा, आशावाद, ज्ञान और खुशी के साथ जुड़ा हुआ है।

घर पर पीले गुलाल बनाने की विधि:


आवश्यक सामग्री: हल्दी- 2 बड़े चम्मच, बेसन- 4 बड़े चम्मच, मैरीगोल्ड यानी गेंदे के फूल (वैकल्पिक)

प्रक्रिया: एक बड़े प्लास्टिक के कटोरे में दो बड़े चम्मच हल्दी पाउडर और चने का आटा लें और उन्हें सूखे चम्मच से अच्छी तरह मिलायें। अगर गेंदे के फूल हों तो उन्हें सूखने दें। सूख जाने के बाद, इनकी पंखुड़ियों को ग्राइंडर में पीस लें। इस पाउडर को हल्दी-बेसन के मिश्रण में मिलायें। इससे न केवल अच्छी खुशबू मिलेगी, बल्कि यह आपके ऑर्गेनिक पीले गुलाल की  रंगत को भी बढ़ाएगा।

सौंदर्य लाभ: बेसन और हल्दी, दोनों त्वचा के लिए अद्भुत काम करते हैं। बेसन मुँहासे को साफ करता है, त्‍वचा में चमक पैदा करता है, त्‍वचा को चुस्‍त और स्‍वच्‍छ बनाता है, और हल्दी त्वचा को सुनहरा निखार देती है और इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी यानी जलन और सूजन रोधी और एंटीसेप्टिक यानी सड़नरोधी गुण होते हैं।



गुलाबी

गुलाबी रंग दोस्‍ती का रंग है। यह गर्मजोशी, आनंद, मासूमियत और प्रेम प्रदान करता है।

घर पर गुलाबी गुलाल बनाने की विधि:


आवश्यक सामग्री: चुकंदर पाउडर- 4 बड़े चम्मच, कॉर्नफ्लोर यानी मक्के का आटा - 2 बड़े चम्मच

प्रक्रिया: गुलाबी गुलाल बनाने के लिए 4 बड़े चम्मच चुकंदर के पाउडर में 2 बड़े चम्मच कॉर्नफ्लोर यानी मक्के का आटा मिलायें। अगर आपके पास चुकंदर पाउडर नहीं है, तो आप पेस्ट बनाने के लिए ताजा चुकंदर पीस सकती हैं और इसके बाद इसे धूप में सूखने दें।

सौंदर्य लाभ: चुकंदर न केवल त्वचा को प्राकृतिक गुलाबी रंग प्रदान करते हैं, बल्कि इसका विटामिन सी सूरज की हानिकारक किरणों के कारण होने वाली त्वचा के पिगमेंटेशन यानी रंजकता को रोकता है।



लाल

भारत में लाल रंग का सम्‍बंध पवित्रता के साथ-साथ जुनून से भी जुड़ा हुआ माना जाता है। यह ऊर्जा, मजबूती, शक्ति, दृढ़ संकल्प, जुनून, इच्छा और प्रेम का रंग है।

आवश्यक सामग्री: लाल चंदन पाउडर- 4 बड़े चम्मच, कॉर्नफ्लोर- 2 बड़े चम्मच, हिबिस्कस यानी गुड़हल के फूल

प्रक्रिया: कुछ हिबिस्कस यानी गुड़हल के फूल लें और उन्हें सूखा लें। सूख जाने के बाद, इनकी पंखुड़ियों को पीसकर महीन पाउडर बना लें। इस पाउडर को लाल चंदन पाउडर और कॉर्नफ्लोर के साथ मिलायें, और इसे किसी एयरटाइट बॉक्स में रख लें।

सौंदर्य लाभ: लाल चंदन को सदियों से इसके मिलने वाले सौंदर्य लाभों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह त्वचा की जलन को ठंडक पहुंचाता है, मुँहासों को साफ करता है, सनटैन यानी धूप की कालिमा को दूर करता है, और त्‍वचा में निखार लाता है। हिबिस्कस यानी गुड़हल के फूल भी त्वचा के लिए बहुत अच्छे होते हैं, क्योंकि यह त्‍वचा की महीन धारियों और झुर्रियों को कम करने के लिए जाने जाते हैं।



हरा

आवश्यकता सामग्री: शुद्ध मेंहदी पाउडर - 4 बड़े चम्मच, नीम पाउडर - 4 बड़े चम्मच, कॉर्नफ्लोर- 2 बड़े चम्मच

प्रक्रिया: मेंहदी पाउडर और नीम पाउडर की बराबर मात्रा लें और उन्हें अच्छी तरह से मिलायें। इसके बाद, पाउडर को चिकना बनाने के लिए इसमें 2 बड़े चम्मच कॉर्नफ्लोर मिलायें। सामग्री को अच्छी तरह से मिलायें और इसे स्टोर कर लें। सुनिश्चित करें कि जिस मेहंदी पाउडर का आप उपयोग कर रहे हैं, उसमें कोई अतिरिक्त सामग्री नहीं मिली है क्योंकि वह सामग्री इसका रंग बदल सकती है।

सौंदर्य लाभ: नीम पाउडर में एंटी-बैक्टीरियल यानी बैक्‍टीरिया रोधी गुण होते हैं। यह मुँहासे को दूर करने मदद करता है, अशुद्धियों को दूर करता है, और अत्यधिक सीबम के स्राव को नियंत्रित करता है। मेंहदी पाउडर में चिकित्सीय गुण भी होते हैं और यह त्वचा को ठंडक का अहसास देता है।

तरल रंग बनाना भी इतना ही आसान है, लेकिन जब से हम पल भर के मजे के लिए कई क्‍विंटल पानी बर्बाद करने के पक्ष में नहीं हैं, इसलिए हम आपको सूखी होली खेलने की सलाह देंगे।

आशा है कि रंगों का यह त्योहार आपके जीवन में अनगिनत खुशियां लाएगा। तो आइएं, हम सब मिलकर स्वस्थ, खुशहाल और सुरक्षित होली मनायें

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